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#lovejatao on Happy Grandparents day- “Always My Dadi, Forever My Friend”
Though I personally believed that a single day celebration is not enough to share our emotions, love, and care for our dear and near ones. Still, it is amazing that we had set aside a day to encourage our families to spend time with their grandparents. And I am also absolutely delighted for this celebration. Happy grandparent’s day! Grandparents are the delightful blend of unconditional love, care, and affection. They hold our hands just for a while, but get our hearts forever; they make the world softer, kinder and warmer. It is true that they are the true treasure in a family. Their presence and life lessons are most important…
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How to raise a happy family
द्रश्य १ सुबहका रुटीन: · माँ– “बच्चो देर होरही है, जल्दीउठो, स्कूल है…” · बच्चे– नही माँ, थोड़ीदेर और सोनाहै.. · पापा– जल्दी करो, मुझेभी ऑफिस जानाहै, स्कूल बसमिस हो जाएगी… और फिर वही, ब्रेकफास्ट करो, फाइलनही मिल रही, दूध उफान गया…आदि आदि! द्रश्य २ दिनका समय · माँ– बच्चो जल्दी सेनाश्ता फिनिश करो, फिरढेर सारा होमवर्ककरना है… · बच्चे– माँ अभी तोआए है, स्कूलसे… द्रश्य ३ शामका समय · माँ–डिन्नर की तैयारी, क्लीन अप, अगलेदिन की तैयारी… · बच्चे– टीवी, पढ़ाई,…औरफिर थक करसोने की कोशिशमे लगे है… पापा– आफ़िस कीथकान, कुछ फोनकॉल, कुछ मेलचेकिंग, कुछ टीवी..और फिरवही अगले दिनकी तैयारी यही है, हमारेआम परिवार कीरुटीन, बँधी सीदिनचर्या, जहाँ हरकोई…
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Ma. I love you but Sorry I can not be like you
We all love our parents not just because of having a biological connection. It is because we know that no one else in this world is going to love and care you more than your parents. In spite of being a grown up and a parent too, we always want their love, care and guidance. It is just their blessing that can make us feel relaxed and confident even in very tough and stressful situation. The same thing has happened with me. During this summer I had met my parents after a long waiting of 2 years. It was the first time in my life when I kept apart from…
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कोख किराए से…
“क्याहुआ माँ?…बहुतथक गयी होशायद…” सोहन नेकाम पर सेलौटी अपनी माँराधा से पुछा! “हाँ, बेटा..आज तोशर्मा जी केयहा बहुत मेहमानथे, दूसरी जगहभी बहुत कामथा…बस एककप चाय पीलादे, अभी ठीकहो जायूंगी..! राधाने किसी तरहअपने बेटे कोतो समझा दिया, पर वो जानतीथी, की इतनेसालो से येकाम करके अबवो थक चलीहै, हर दिनइतनी सारी मेहनतकरने के बादबस इतना हीपैसा आता था, की जैसे तैसेघर का खर्चाचलता था,…बचपनसे यही संघर्षदेखा था, राधाने…! परिवार मे ५बहने थी, औरविधवा माँ..यूँतो माँ कीभी बहुत इच्छाथी, की उनकीबेटियाँ पढ़े, जो उनकेसाथ हुआ होउनकी बेटियों केसाथ न हो, पर आर्थिक तंगीके चलते येकभी हो नहीपाया..राधा कोभी कम उम्रसे ही माँका हाथ बटानेलोगो के घरजाना पड़ता..झाड़ू–पोछा, कपड़ा–बर्तन…करते करतेजैसे तैसे माँने अपनी…
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माँ मुझे भी जीना है…”अनसुनी चीख”- A Real Story
“सारिकाआज याद है, ना शाम ४बजे डॉक्टर कीappointment है, टाइम परतैयार हो जाना“, कवितदेवी ने आदेशभरे स्वर मेअपनी बहू सारिकाको कहा! “ठीकहै, मम्मीजी…” कहकर सारिका केदिल की धड़कनऔर भी तेज़हो गयी, क्योकिये पहला मौकानही था, जबडॉक्टर और क्लिनिकके नाम सेउसकी चिंता औरघबराहट बढ़ गयीथी, ये डरपिछले कुछ सप्ताहोसे चल हीरहा था, जबसे प्रेग्नेन्सी रिपोर्टपॉज़िटिव आई थी! यूँ तो कहनेको और लोगोके लिए येसारिका की दूसरीप्रेग्नेन्सी थी, परअसल मे सारिकाऔर उसकी फॅमिलीवाले ही येजानते थे, कीरिंकी के जनमके बाद येचौथा मौका था, जब सारिका प्रेग्नेंटथी…! “मम्मीक्या हुआ…क्याइस बार हॉस्पिटलसे मेरा भाईआने वाला है..रिंकी ने मासूमियतसे पूछा? “पतानही बेटा…बसइतना ही कहपाई, सारिका अपनीप्यारी बिटिया से..! अपनेअंदर पनपती नन्हीज़ान की अहसासने सारिका…
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आख़िर क्यो “शादी” ही है, औरतो की ज़िंदगी का सबसे बड़ा सच?
“बहुतबहुत बधाई शुश्रिकोमल नागर को, जिनके कार्यकाल मेहमारे स्टेट नेइतनी एतिहसिक प्रगतीकी है…अभूतपूर्व५ साल काकार्यकाल…और संचालककी इसी घोषणाके साथ पूराहाल तालियों सेगूँज उठा! औरजैसे ही सुश्रीनागर अपना व्यक्त्य्वव्यक्त करने आई, खुशी के आसूआखों मे झिलमिलाउठे! “ये सबआपके साथ औरसहयोग से हीसंभव हुआ है“..स्ंक्षिप्त शब्दो मेउन्होने अपना भाषणसमाप्त किया! आज कारकी तरफ़ लौटतेहुए कोमल कुछथका हुआ सामहसूस कर रहीथी, अनेकानेक उपलब्धियाँथी उनके नाम, कई सारे अवॉर्ड, प्रशस्ति पत्र….पर… पर मन बहुतडर रहा था..कई सारेसवाल ज़ेहन कोपरेशान कर रहेथे! यूँ तोउम्र के ३८वे बरस मेथी कोमल परफिर भी जबभी नयी जगहपोस्टिंग होती, इसी तरहपरेशान हो जातीथी वो..औरपरेशानी की वजहभी कोई शासकीयया प्रशासनिक नहीथी, वजह थीसामाजिक, यूँ तोएक उच्चधकारी होनेसे समाज मेउनका रुतबा…
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अधूरे सपनो की नयी उड़ान- part 2
बहुतबहुत शुक्रिया, आपसभी का रियाकी नयी उड़ानकी शुरुआत कासराहना करने का..और शायद येजानने की उत्सुकताआप सभी कोहोगी की रियाकी नयी उड़ानसिर्फ़ सोच तकही सीमित रहीया उसने सचमुचसारी बाधाओं कोपार करके अपनाअधूरा सपना पूराकिया..जानते हैआगे क्या हुआ… आज रिया बहुतखुश थी, आजनन्हे परिंदे नेजो राह उसेदिखाई थी, उसकेज़रिए उसने पहलीबाधा तो पारकर ही लीथी..आज उसनेअपने आप सेये प्रण कियाथा की अबवो हर समयडिप्रेशन मे रहनेकी बजाय वोनयी राह तलाशेगी, और पुरानी बातोंका रोना रोनेकी बजाय अबवो इस बातपर ध्यान देगीकी वो क्याकर सकती हैऔर कैसे करसकती है!और वो जानतीथी की येसब इतना आसाननही है, परआज उसने पहलीजीत हासिल करली थी, औरवो जीत थी, “positive attitude” रखनेकी और येमानसिक तैयारी रखने की,…
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अधूरे सपनो की नयी उड़ान
रिया आज सुबहसे कुछ ज्यादाही उदास थी, यूँ तो ज़िन्दगीमें सब कुछठीक ही चलरहा था, दोप्यारे बच्चे , प्यार करनेवाला पति …परफिर भी कुछकुछ दिनों केअंतराल से रियाका मन खिन्नहो जाता था, लगता था ज़िन्दगीकुछ मैकेनिकल सीहो गयी hai, वहीघर का कामवही रूटीन…”अरे११ बज गए, अभी तो घरका सारा कामबाकि है औरशॉपिंग भी करनेहै कुछ जरूरीचीज़ो की …जैसेतैसे तैयार होकररिया ने सब्ज़ीऔर कुछ जरूरीसामान लेकर घरपहुंचि ही थी, मन एक बारफिर पुरानी यादोमें खो गयाथा ! शादीके १० सालोमे कई तरहके उतार–चढ़ावदेखे थे रियाने, घर कीलाड़ली रिया हरबात में ावलथी, पढाई लिखाईसे लेकर आर्ट, म्यूजिक, डांस हरविधा का हुनरथा उसके पास, और साथ हीमन मे इच्छाथी, ज़िन्दगी मेकुछ बनना है,…
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Kudos to These Two Brave Girls- A Perfect Punishment for Eve-teasers
We love India. We are the proudest Indian. We had the most enriched culture and higher aesthetic values. Our culture often labelled as an amalgamation of several cultures which has a profound impact on the world. No doubt, we had an ample example of “Unity in diversity”. Sometimes I asked myself, are we really a proud Indian? Especially, proud Indian women? I think most of us will hesitate to answer as “Yes”? In spite of great technical and educational development during last few decades, Indian women are still struggling for their existence, respect and most importantly, for their safety. We still had something in our society that is so unfortunate.…
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5 Unique Back to School supplies That Will Help All Year long
Summer fun is going to end very soon with the awesome memories. We all had a great family time with vacations and outing. But now it is the time to say a goodbye to carefree days and flexible everyday routine. “Back to school” season just ahead of us. We all are nervously excited for the beginning of a new academic year. Most of the parents had a mixed feeling about it. Definitely, it is always nice to get back into an established settled weekly routine but at the same time thought of fixed timing, PTO meetings, long lanes of carpools, sports, assignments may make a little nervous and anxious us.…





