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अधूरे सपनो की नयी उड़ान- part 2

बहुतबहुत शुक्रिया, आपसभी का रियाकी नयी उड़ानकी शुरुआत कासराहना करने का..और  शायद येजानने की उत्सुकताआप सभी कोहोगी की रियाकी नयी उड़ानसिर्फ़ सोच तकही सीमित रहीया उसने सचमुचसारी बाधाओं कोपार करके अपनाअधूरा सपना पूराकिया..जानते हैआगे क्या हुआ
आज रिया बहुतखुश थी, आजनन्हे परिंदे नेजो राह उसेदिखाई थी, उसकेज़रिए उसने पहलीबाधा तो पारकर ही लीथी..आज उसनेअपने आप सेये प्रण कियाथा की अबवो हर समयडिप्रेशन मे रहनेकी बजाय वोनयी राह तलाशेगी, और पुरानी बातोंका रोना रोनेकी बजाय अबवो इस बातपर ध्यान देगीकी वो क्याकर सकती हैऔर कैसे करसकती है!और वो जानतीथी की येसब इतना आसाननही है, परआज उसने पहलीजीत हासिल करली थी, औरवो जीत थी, “positive attitude” रखनेकी और येमानसिक तैयारी रखने की, उसे कुछ करनाहै!
क्याबात है, आजबहुत happy लग रहीहो?…” ऑफीस सेआते ही रविने पूछा? “हाँकह कररिया ने अपनेदिल की सारीबात रवि कोबताई, पहले तोरवि नेअच्छा“…कह करकुछ व्यंग्य करके कहा परदूसरे पल हीअपनी पत्नी कीकाबिलियत और कोशिशको स्मझ करउसने तुरंत वादाकिया की वोउसकी पूरी मददकरेगा!
रीयातुम्हारी डिग्री पुरानी होचुकी है, औरइंग्लीश, कम्यूनिकेशन स्किल औरकंप्यूटर स्किल भी उतनीअच्छी नही है..मेरा कहनाहै तुम्हे किसीफील्ड मे उतरनेसे पहले अपनेआप को अपडेटकरना चाहिए….” रविने समझाते हुएरीया को कहा! “हाँ बिल्कुल…” मे आपके कहे अनुसारअपनी पूरी कोशिशकरूँगी अपने आपको लायक बनानेकीये कहतेहुए ही रीयाने अपना नयाशेड्यूल फिक्स किया..औरपूरी तरह सेलग गयी अपनीनयी पारी कीशुरुआत की तैयारीमे!
नयी शुरुआत के साथही रीया कीज़वाबदारियाँ भी बढ़गयी थी..घर, बच्चे, और इतनेसालों के ब्रेकसे रीया कोकुछ परेशानियाँ ज़रूरहो रही थी, पर रवि कासाथ और अपनेमनोबल को उसनेगिरने नही दिया! “क्या बात है, आज बहुत थकिहुई लग रहीहो?” रवि नेकहाँ, “हाँबस बच्चोकी एग्ज़ॅम है, और मे अपनीभी तैयारी कररही हूँ..” रीयाने कुछ थकेहुए स्वर मेकहा..”चलो आजमे तुम्हारी मददकरता हूँ..”रविके इतना कहतेही रीया कीसारी थकान दूरहो गयी! साथही रवि समयसमय पररीया को अपनीसेहत का ध्यानरखने को भीकहता रहता, दिनगुज़रते गये..आजरीया अपनी पूरीतैयारी से स्साथअपना पहला इंटरव्यूदेने जा रहीथी..कुछ घबराहट..कुछ खुशी…”बेस्ट ऑफ लक..रीयारवि नेहमेशा की तरहरीया का होसलाबढ़ायाऔर रीयाभगवान का आशीर्वादलेकर अपने पहलेइंटरव्यू के लिएपहुँची!
“academic record तोबहुत अच्छा है, पर कोई expeience नहीहै, पिछले कुछसालो मे कुछकाम नही कियाहै शायद..पोस्टग्रॅजुयेशन भी नहीहै..ना कोईऔर डिप्लोमा…” मेडिकलकॉलेज के lecturship केपहले इंटरव्यू मेही इस तरहके नेगेटिव रिमार्कसे रीया कामन कुछ घबरासा गया था…”क्या हुआरवि नेउत्सुकता से पूछा? और रीया कीआखों मे अपनीपहली असफलता सेआसु ही गये थे..”शायदमुझसे नही होगा…” रीया के गिरतेमनोबल को रविने फिर एकबार सहारा दियाऔर कहाकोई बात नही,ये तोशुरुआत है, तुमहिम्मत मत छोड़ो, ये नही तोकोई और राहमिलेगी…”
पर शायद रीयाकी किस्मत मेइतनी आसानी सेसफल होना नहीलिखा थाकईहॉस्पिटल, क्लिनिंक्स मे ट्राइकिया..पर हरबार किसी किसी वजह सेअसफलता ही हाथलगतीहर बाररवि रीया कोसमझाता पर अबतो रीया कोलगने लगा था, शायद वो कभीअपने अधूरे सपनेको पूरा नहीकर पाएगी!
पर कहते हैना, हर रातके बाद सबेराहोता है, वहीरीया के साथभी हुआ! कईसालो बाद रीयाको अपनी कॉलेजकी फ्रेंड सोनियामिली, और कुछही देर मेरीया ने अपनेदिल की सारीबात सोनिया कोकह सुनाई!
हाँ रीया, मे बिल्कुलसमझ सकती हूँ, तुमहरे म्न कीहालतऔर येसही है कीइतने सालो केब्रेक के बादफिर से शुरुआतकरना उतना आसाननही हैपरतुम अपना knowledge share करनेके लिए इंटरनेटकी हेल्प लेसकती हूँ, औरइसके लिए अपनाब्लॉग शुरू करसकती हो, औरmycity4kids इसके लिए सबसेअच्छा मंच है, तुम्हे नयी पहचानमिलेगी..कॉन्फिडेन्स इनक्रीस होगातुम बसअपनी लेखनी कोअपनी ताक़त बनाओ..फिर देखोसब राह आसानहो जाएँगी!
रीया ने सोनियाकी कही बातरवि को बताई, और रवि नेभी तुरंत कहाहाँ, ये बहुतअच्छा मंच है, यहा तुम अपनेबच्चो की परवरिशसे जुड़ी, सेहतसे रिलेटेड सारी बातें share कर सकती हो, और रीया ने बिना देर किए अपना ब्लॉग शुरू किया…ये उसके लिए आसान भी था…घर रहते हुए , अपने बच्चो और घर का ध्यान रखते हुए उसने नयी शुरुआत की! कुछ ही समय मे रीया के आर्टिकल्स लोगो को पसंद आने लगे..सोसाइटी, फ्रेंड्स, समाज़ सभी जगह रीया की लेखन शैली की तारीफ होने लगी!

“कैसा लग रहा है आज…”रवि ने खुश होकर पुछा? आज रीया की पोस्ट ने मिलियन व्यू और कई हज़ार like मिले थे..”हाँ, यकीन नही हो रहा है, की ये सब हक़ीकत है..” रीया ने भी खुल कर कहा! आज रीया “मिसस शर्मा ” और “आशु-निशु की मम्मी” के नाम के साथ ही “रीया शर्मा” के नाम के साथ भी समाज़ मे जानी जाने लगी थी!

धीरे-धीरे और कई ऑप्षन्स भी रीया को मिलने लगे थे….आज वो बहुत खुश थी, मन ही मन उस परिंदे को अपना पहला थॅंक्यू कहा..जिसने उसे नयीराह दिखाई थी…आज वो अपनी नयी उड़ान के पहले मुकाम को दिल से एंजाय कर रह रही थी…रवि, सोनिया . mycity4kids का बहुत बहुत धन्यवाद कर रही थी..यूँ तो अभी नया आकाश च्छुना बाकी था…पर अधूरे सपने की ये नयी उड़ान सब्से अनोखी और यादगार थी…क्या आप भी कर रहे है, किसी नयी उड़ान की तैयारी, आपको कैसा लगा रीया का सफ़र…क्या है आपका विचार, प्लीज़ सांझा कीजिए!
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